श्रीमद्भगवद्गीता
भगवान श्रीकृष्ण के मुखारविंद से निकली यह अमर वाणी मानव जीवन की हर समस्या का समाधान है। यह जीवन जीने की एक संपूर्ण कला है जो हमें कर्तव्य और आत्मज्ञान का मार्ग दिखाती है।
शुद्ध संस्कृत श्लोक एवं पद-अर्थ
विस्तृत एवं शोधपूर्ण व्याख्या